
टियर-2 शहरों जैसे प्रयागराज, वाराणसी और लखनऊ में सोलर सिस्टम लगवाना बड़े शहरों की तुलना में अधिक फायदेमंद साबित हो रहा है। यहाँ छत की उपलब्धता ज्यादा होती है, बिजली कटौती की समस्या भी आम है और बिजली के बढ़ते बिल लोगों को सोलर की ओर आकर्षित कर रहे हैं। कम इंस्टॉलेशन लागत, तेज सब्सिडी अप्रूवल और बेहतर धूप की उपलब्धता के कारण इन शहरों में सोलर का ROI (Return on Investment) जल्दी मिलता है। आमतौर पर 3–5 साल में सिस्टम की लागत निकल आती है और उसके बाद लगभग मुफ्त बिजली मिलती है, जिससे लंबे समय में लाखों रुपये की बचत संभव है।




